LASYA: The Grace of Shiva Shakti

LASYA: The Grace of Shiva Shakti
Facilitated by: Ma Prabhu Damini
8th Feb 2018 – 12 Feb 2018

एक कहानी भारत की लोक परंपरा मे कही जाती है.
आख़िर रिशते का पूरा रस कौन चखता है? शिव या शक्ति?  एक बार दोनों में बड़ा विवाद हुआ.
विवाद का रस चखने के बाद, शिव बोले – इसको सुलझाने का सिर्फ एक तरीक़ा है. दूसरे के अनुभव में पूरी तरह ढल के. सो शिव पृथवी में राधा रूप में आए, शक्ति, कान्हा रूप में.
सार ये हुआ कि दूसरे को जानने के लिये, वो ख़ुद बन जाना, ज़रूरी है!
शिविर में हम इस कहानी के सार को अपने भितर चखते-चखते कशमीर की आध्यात्मिक खोज से चंद सूत्र उठायेंगे. विज्ञान भैरव तंत्र के कुछ ध्यान सूत्र जो शिव और शक्ति संवाद के रूप में चित्रित है.
मौक़ा महाशिवरात्री का है, और स्थान भोले बाबा की नगरी, काशी. सो हम शिव शक्ति के मिलन के – जो हमारे भीतर की घटना है – उसके लिये अपने को पूरा पूरा त्य्यार करेंगे!

कृपा वो मित्र आयें जो शिविर के हर सत्र में पूरी तरह शामिल हो सकते है. हर सत्र एक सीढ़ी की तरह है. आपके साथ पूरे ग्रूप ऊर्जा के लिए डिज़ाइंड. आप, ना सिर्फ़ अपने लिए, मगर हम सब के लिए उत्तरदायी है. इस विषय में सचेत हो कर ही आएँ.

और … जब आ जाएँ, तो पूरे पाँच दिन, बस, हमारे हो जाये!
आप सब का, तह-ए-दिल से स्वागत!
सप्रमे,
दामिनी
PS: शिविर हिंदुस्तानी हिंगलिश, एवं अन्य प्रेम की भाषाओं मे होगा, जिसमें नृत्य (लास्य : देवी का नृत्य) भी एक है.
8th Feb 2018-12 Feb 2018 (starts 7th evening, ends 12th late night) | Advance Booking Only | Rooms Limited | Dorm Available
For Booking Details Call #OshoMandakini +91-9839040207 ; +91-542-2366195